गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों का इस हफ्ते हो सकता है ऐलान !

गुजरात के सियासी इतिहास में इस बार का स्थानीय चुनाव होगा बेहद खास, बढ़ेगा नगर निगमों का दायरा।

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों का इस हफ्ते हो सकता है ऐलान !

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026,जानें संभावित शेड्यूल !

गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Local Body Elections) को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। 6 वर्तमान नगर निगमों सहित कई नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए चुनावी बिगुल बजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य चुनाव आयोग और सरकार की ओर से प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है।

कब होगा तारीखों का ऐलान?

सूत्रों और ताजा जानकारी के अनुसार, गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा 27 मार्च से 31 मार्च के बीच होने की प्रबल संभावना है। राज्य चुनाव आयोग इस बार चुनाव को दो चरणों में आयोजित करने की योजना बना रहा है।

संभावित चुनावी कार्यक्रम (Expected Schedule):

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव का संभावित शेड्यूल कुछ इस प्रकार हो सकता है:

  • 30 अप्रैल: नगर निगम (Municipal Corporations) और नगरपालिकाओं के लिए मतदान।

  • 3 मई: तालुका और जिला पंचायतों के लिए मतदान।

  • 5 मई: चुनाव के नतीजों (Results) की घोषणा।

9 नई नगर निगमों पर रहेगी नजर

इस बार का चुनाव इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि 6 पुरानी महानगरपालिकाओं के साथ-साथ 9 नई नवगठित महानगरपालिकाओं में भी पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं। इसके अलावा:

  • 83 नगरपालिकाएं

  • 34 जिला पंचायतें

  • 262 तालुका पंचायतें इन सभी सीटों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।

OBC आरक्षण और सियासी समीकरण

इस बार के चुनावों में 27 प्रतिशत ओबीसी (OBC) आरक्षण के साथ सीटों का आवंटन किया जाएगा। इस नए समीकरण ने राजनीतिक दलों के लिए उम्मीदवारों के चयन की चुनौती बढ़ा दी है। भाजपा जहां अपने गढ़ को बचाने और नई नगर निगमों पर कब्जा करने की रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य दल संगठन को मजबूत कर सत्ता विरोधी लहर को भुनाने की कोशिश में हैं।

जैसे-जैसे मार्च का आखिरी सप्ताह करीब आ रहा है, राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार की रणनीति तक, सभी दल 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। आने वाले कुछ दिन गुजरात की स्थानीय राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।