8 पन्नों की चिट्ठी और IPL में हड़कंप !
बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के लिए 8 पन्नों की सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हनी ट्रैप, वेपिंग और होटल रूम में बाहरी एंट्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। अनुशासन और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना, सस्पेंशन या आजीवन बैन तक की कार्रवाई की जाएगी।
IPL 2026 में अब सिर्फ मैदान पर नहीं, खिलाड़ियों की हर गतिविधि पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। BCCI ने सभी फ्रेंचाइजी को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी भेजकर साफ कर दिया है कि इस बार सुरक्षा, अनुशासन और एंटी-करप्शन नियमों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। बीसीसीआई (BCCI) ने आईपीएल 2026 के लिए जो नई एडवाइजरी जारी की है, वह केवल एक सामान्य निर्देश नहीं बल्कि लीग के इतिहास का सबसे सख्त 'प्रोटोकॉल चार्टर' माना जा रहा है। खेल की गरिमा को बरकरार रखने और खिलाड़ियों को बाहरी खतरों से बचाने के लिए बोर्ड ने इस बार जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
1. 'हनी ट्रैप' और साइबर सुरक्षा: एक गंभीर चेतावनी
बीसीसीआई ने पहली बार आधिकारिक दस्तावेजों में 'हनी ट्रैप' जैसे संवेदनशील विषय का उल्लेख किया है।
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संदेह के घेरे: बोर्ड का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए खिलाड़ियों को लुभाने और फिर उन्हें फिक्सिंग या ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाने की कोशिशें बढ़ रही हैं।
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डिजिटल फुटप्रिंट: खिलाड़ियों को सलाह दी गई है कि वे अनजान सोशल मीडिया हैंडल्स से बातचीत न करें और अपनी लोकेशन साझा करने में सावधानी बरतें।
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इंटीग्रिटी ऑफिसर: हर टीम के साथ एक विशेष 'इंटीग्रिटी ऑफिसर' तैनात रहेगा, जिसे किसी भी संदिग्ध संपर्क की जानकारी देना अनिवार्य होगा।
2. होटल और मूवमेंट: 'बायो-बबल' जैसी सख्ती
हालांकि यह कोविड का समय नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से नियम लगभग वैसे ही कड़े कर दिए गए हैं:
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नो-एंट्री ज़ोन: खिलाड़ियों के होटल के कमरे अब 'नो-एंट्री ज़ोन' होंगे। टीम मैनेजर की अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति (भले ही वह करीबी दोस्त हो) का कमरे में जाना वर्जित है।
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लॉबी मीटिंग्स: मेहमानों से मिलने के लिए होटल की लॉबी या कैफे का ही उपयोग किया जा सकेगा, वह भी पूर्व सूचना के बाद।
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आउटिंग पर रोक: बिना पूर्व मंजूरी के खिलाड़ी होटल परिसर से बाहर नहीं जा सकेंगे। यदि कोई खिलाड़ी बाहर जाता है, तो उसे अपनी सुरक्षा और वापसी के समय का पूरा विवरण देना होगा।
3. वेपिंग और अनुशासन: हालिया विवादों का असर
हाल ही में एक स्टार खिलाड़ी के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए पाए जाने के बाद बोर्ड ने इसे व्यक्तिगत अपमान माना है।
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टोटल बैन: ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम बस के अंदर वेपिंग (E-cigarettes) और हुक्का पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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कानूनी कार्रवाई: भारत में वेपिंग प्रतिबंधित है, इसलिए बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि उल्लंघन करने वालों पर न केवल क्रिकेटिंग बैन लगेगा, बल्कि उन्हें कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
4. ड्रेसिंग रूम और डगआउट एक्सेस (PMOA)
बोर्ड ने Player and Match Official Area (PMOA) के नियमों को फिर से परिभाषित किया है:
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मालिकों की सीमा: टीम मालिकों और उनके वीआईपी मेहमानों को अब डगआउट में खिलाड़ियों के साथ घुलने-मिलने की अनुमति नहीं होगी।
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फोन पर प्रतिबंध: डगआउट में मोबाइल फोन या किसी भी संचार उपकरण का उपयोग पहले से ही प्रतिबंधित था, लेकिन अब स्मार्टवॉच पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
5. सजा का प्रावधान: जुर्माना और निलंबन
नियमों को कागजों तक सीमित न रखकर बीसीसीआई ने भारी दंड की व्यवस्था की है:
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श्रेणी 1 उल्लंघन: पहली बार गलती पर मैच फीस का 25% से 50% जुर्माना।
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श्रेणी 2 उल्लंघन: बार-बार गलती करने पर 2 से 5 मैचों का सस्पेंशन।
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गंभीर अपराध: 'हनी ट्रैप' या फिक्सिंग के संदिग्ध मामलों में खिलाड़ी को तुरंत लीग से बाहर कर उस पर आजीवन प्रतिबंध (Life Ban) लगाया जा सकता है।
बीसीसीआई का यह कदम दर्शाता है कि आईपीएल अब केवल मनोरंजन नहीं रह गया है, बल्कि एक वैश्विक ब्रांड है जिसकी साख पर आंच आना बोर्ड को कतई बर्दाश्त नहीं है। खिलाड़ियों के लिए यह सीजन केवल मैदान पर प्रदर्शन का नहीं, बल्कि उनके पेशेवर अनुशासन की भी बड़ी परीक्षा होगा।
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