गर्मी को कहिए अलविदा, आ गया मानसून !
भीषण गर्मी से जूझ रहे देशवासियों के लिए राहत की खबर। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल के तट पर दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात सहित देश के 24 राज्यों में आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इंतजार खत्म! देश में हुई मानसून की एंट्री, 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे से जूझ रहे देशवासियों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने केरल के तट पर दस्तक दे दी है। इसके साथ ही देश में आधिकारिक तौर पर चार महीने के बरसाती सीजन की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग ने मानसून के आगमन के साथ ही देश के 24 राज्यों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का अलर्ट (Yellow and Orange Alert) जारी किया है।
केरल में भारी बारिश के साथ 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की एंट्री के साथ ही केरल के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। IMD ने केरल के अलप्पुषा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां 11 से 20 सेमी तक अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम, कोल्ललम, इडुक्की और त्रिशूर में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
24 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट
मानसून के आगे बढ़ने और अरब सागर से उठने वाली नमी के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के मौसम में भी बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के भीतर देश के 24 राज्यों में मौसम बिगड़ने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है:
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ऑरेंज अलर्ट वाले राज्य: राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में 5 जून को तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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ओलावृष्टि की आशंका: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने का अनुमान है।
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दिल्ली-NCR और मैदानी इलाके: राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
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पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
कृषि और जलाशयों के लिए बेहद अहम है यह सीजन भारत में सालाना होने वाली कुल बारिश का लगभग 70% हिस्सा इसी दक्षिण-पश्चिम मानसून से आता है। देश की आधी से अधिक कृषि भूमि सीधे तौर पर इस सिंचाई पर निर्भर करती है। इसके अलावा देश भर के जलाशयों को फिर से भरने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए भी इसका समय पर आना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस साल मानसून को लेकर मौसम विभाग का अनुमान
हालांकि मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है, लेकिन इस साल मौसम विभाग ने शुरुआती दीर्घावधि पूर्वानुमान में कुल बारिश सामान्य से थोड़ी कम (दीर्घावधि औसत या LPA का 90%) रहने की बात कही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के महीनों के दौरान 'अल नीनो' (El Niño) के उभरने की संभावना है, जिससे बारिश के वितरण पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, प्री-मानसून और मानसून की शुरुआती गतिविधियों ने देश के बड़े हिस्से को भीषण हीटवेव (लू) से बड़ी राहत पहुंचाई है।
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