अब नहीं चलेगा '00' का खेल; वोटर आईडी कार्ड में होने जा रहा है सबसे बड़ा बदलाव
बदलेगा आपका वोटर कार्ड! अगर आपके पहचान पत्र पर भी फोटो साफ नहीं है या पते की जगह '00' दर्ज है, तो तैयार हो जाइए।
वोटर आईडी कार्ड में बड़ा बदलाव: 30 करोड़ कार्डों से हटेंगे धुंधले फोटो, अब मकान नंबर की जगह नहीं लिखा जाएगा ‘00’
भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता सूची (Voter List) को अधिक पारदर्शी, सटीक और आधुनिक बनाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मुहिम शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत देश के लगभग 30 करोड़ वोटर आईडी कार्डों में बड़ा सुधार किया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मतदाता पहचान पत्रों में वर्षों से चली आ रही गड़बड़ियों और कमियों को पूरी तरह से दुरुस्त करना है।
1. धुंधले और ब्लैक एंड व्हाइट फोटो का होगा खात्मा
वोटर लिस्ट और वोटर कार्ड से जुड़ी सबसे बड़ी शिकायतों में से एक रही है—पहचान पत्र पर छपी धुंधली या अस्पष्ट तस्वीरें। कई बार फोटो इतनी खराब होती है कि मतदान केंद्र (Polling Booth) पर मतदाता की सही पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
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चुनाव आयोग अब इन सभी 30 करोड़ पुराने और धुंधले फोटो वाले कार्डों को अपग्रेड करने जा रहा है।
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इन पुराने कार्डों की जगह अब हाई-क्वालिटी, साफ और डिजिटल रूप से स्पष्ट रंगीन (Color) तस्वीरें लगाई जाएंगी।
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इसके लिए मतदाताओं से नए सिरे से साफ फोटो ली जा रही हैं या डिजिटल डेटाबेस से इन्हें अपडेट किया जा रहा है।
2. पता दर्ज होगा पूरा, अब नहीं चलेगा ‘00’ का खेल
वोटर आईडी कार्ड के पते (Address) वाले कॉलम में एक और बड़ी लापरवाही अक्सर देखने को मिलती थी। जिन मतदाताओं के पास पक्का मकान नंबर नहीं होता था या जिनका डेटा ठीक से फीड नहीं था, उनके पते में मकान नंबर की जगह सीधा ‘00’ या ‘000’ लिख दिया जाता था।
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चुनाव आयोग ने अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है।
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अब किसी भी वोटर कार्ड पर मकान नंबर की जगह ‘00’ नहीं लिखा जाएगा।
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इसकी जगह मतदाता का वास्तविक और सही पता (Physical Address) दर्ज किया जाएगा। यदि किसी का पारंपरिक मकान नंबर नहीं है, तो उसके क्षेत्र, गली, लैंडमार्क या वार्ड के अनुसार उसका सही पता दर्ज किया जाएगा ताकि उसकी भौतिक पहचान आसानी से हो सके।
इस बड़े बदलाव से क्या होंगे फायदे?
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फर्जी वोटिंग पर लगेगी लगाम: साफ फोटो और सटीक पते के होने से जाली या फर्जी मतदाता पहचान पत्रों (Fake Voter IDs) का इस्तेमाल करना नामुमकिन हो जाएगा।
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वेरिफिकेशन में आसानी: बैंक खाता खुलवाने, पासपोर्ट बनवाने या किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए जब वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा, तो धुंधली फोटो या गलत पते के कारण काम नहीं अटकेगा।
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पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया: इस शुद्धि अभियान से देश की पूरी मतदाता सूची एकदम सटीक और एरर-फ्री (गलतियों से मुक्त) हो जाएगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और बढ़ेगी।
मतदाताओं को क्या करना होगा?
चुनाव आयोग इस काम को बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) और ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से अंजाम दे रहा है। यदि आपके वोटर कार्ड में भी फोटो धुंधली है या पता अधूरा है, तो आप राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) या वोटर हेल्पलाइन ऐप (Voter Helpline App) के जरिए खुद भी इसे अपडेट कर सकते हैं।
चुनाव आयोग का यह कदम न केवल डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों को एक ऐसी पहचान देगा जो पूरी तरह सटीक और त्रुटिहीन होगी।
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