TIME Summit में छाईं नीता अंबानी; साड़ी देख दंग रह गई दुनिया !

नीता अंबानी ने TIME100 Summit में पश्चिम बंगाल की दुर्लभ 'जामदानी' साड़ी पहनकर भारतीय शिल्प कला का प्रदर्शन किया। इस उत्कृष्ट साड़ी को कुशल बुनकरों द्वारा पूरे दो साल की कड़ी मेहनत और बारीकी से तैयार किया गया है।

TIME Summit में छाईं नीता अंबानी; साड़ी देख दंग रह गई दुनिया !

नीता अंबानी ने TIME Summit में भारतीय शिल्प कला का बिखेरा जलवा: 2 साल में तैयार हुई खास 'जामदानी' साड़ी

अपनी शालीनता और भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम के लिए पहचानी जाने वाली रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया। हाल ही में आयोजित TIME100 Summit में हिस्सा लेने पहुंचीं नीता अंबानी ने पश्चिम बंगाल की पारंपरिक और दुर्लभ 'जामदानी' साड़ी पहनी, जो सोशल मीडिया से लेकर फैशन जगत तक चर्चा का विषय बनी हुई है।

कला और धैर्य का अद्भुत संगम

इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसे बनाने में लगा समय और मेहनत है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मास्टरपीस को तैयार करने में बुनकरों को पूरे दो साल का समय लगा। यह महज एक परिधान नहीं, बल्कि भारतीय कारीगरों के अटूट धैर्य और कौशल का प्रमाण है।

क्या है इस जामदानी साड़ी की खासियत?

  • बारीक बुनाई: जामदानी बुनाई को दुनिया की सबसे बेहतरीन और समय लेने वाली हस्तशिल्प कलाओं में से एक माना जाता है। इसे 'मलमल' के कपड़े पर हाथ से बुना जाता है।

  • हाथ से तैयार की गई डिजाइन: नीता अंबानी की इस साड़ी पर की गई बारीक नक्काशी और डिजाइन को बिना किसी मशीन की मदद के, सीधे करघे (Loom) पर धागों के साथ बुना गया है।

  • रंग और शैली: शिखर सम्मेलन के लिए उन्होंने सौम्य और गरिमामय रंगों का चुनाव किया, जो उनके व्यक्तित्व और आयोजन की गंभीरता को बखूबी निखार रहा था।

'मेक इन इंडिया' और हैंडलूम को बढ़ावा

नीता अंबानी लंबे समय से भारतीय हस्तशिल्प और बुनकरों की समर्थक रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन के 'स्वदेश' (Swadesh) पहल के माध्यम से वे लगातार लुप्त होती भारतीय कलाओं को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास कर रही हैं। TIME Summit जैसे वैश्विक मंच पर जामदानी साड़ी पहनकर उन्होंने दुनिया को संदेश दिया है कि भारतीय 'हैंडलूम' लग्जरी का असली पैमाना है।


"भारतीय कला और शिल्प हमारे देश की आत्मा है। हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए और इसे दुनिया के सामने गर्व के साथ प्रदर्शित करना चाहिए।"


सोशल मीडिया पर सराहना

जैसे ही नीता अंबानी की तस्वीरें सामने आईं, नेटिजन्स ने उनके लुक और भारतीय कारीगरों के प्रति उनके सम्मान की जमकर तारीफ की। फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से पश्चिम बंगाल के बुनकरों और जामदानी कला को एक नई संजीवनी मिलेगी।

नीता अंबानी का यह कदम साबित करता है कि आधुनिकता के दौर में भी 'ट्रेडिशनल वियर' अपनी चमक कभी नहीं खोता, खासकर तब जब उसके पीछे दो साल की कड़ी मेहनत और सदियों पुरानी संस्कृति छिपी हो।