ईरान जंग से सेंसेक्स 1700 अंक गिरकर 77,200 पर आया:एशियाई बाजार 7% टूटे, रुपया कमजोर होकर 92 के पार निकला !
एक तरफ युद्ध, दूसरी तरफ कच्चा तेल 25% महंगा। रुपया 92 के पार जाने से अब आयात होगा महंगा। आपकी जेब पर भारी पड़ने वाली है ये जंग।
ईरान-इजराइल संघर्ष: शेयर बाजार में हाहाकार
सोमवार, 9 मार्च 2026 को ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। युद्ध की आहट और कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की आशंका के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा टूटकर 77,200 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं निफ्टी भी भारी दबाव में है और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे कारोबार कर रहा है।
एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट
केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के बाजारों में डर का माहौल है। एशियाई बाजार 7% से 10% तक टूट गए हैं। दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के बाजार, जो कच्चे तेल के आयात पर निर्भर हैं, वहां सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।
रुपया और कच्चा तेल
कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 25% का जोरदार उछाल आया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस तेल संकट और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण भारतीय रुपया भी अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है और 92 के पार निकल गया है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र
युद्ध की स्थिति का सबसे बुरा असर पेंट, एविएशन और टायर कंपनियों पर पड़ा है क्योंकि कच्चा तेल इनका मुख्य कच्चा माल है। इसके अलावा, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों ने भारी बिकवाली की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खाड़ी देशों में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
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