रिकॉर्ड तोड़ भीड़! केदारनाथ में 10 लाख और बद्रीनाथ में 8 लाख पार !

बाबा केदारनाथ और भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कुल मिलाकर दोनों धामों में अब तक 18.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु हाजिरी लगा चुके हैं।

रिकॉर्ड तोड़ भीड़! केदारनाथ में 10 लाख और बद्रीनाथ में 8 लाख पार !

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, टूट रहे दर्शन के सभी रिकॉर्ड

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इन दिनों अपने पूरे चरम पर है। अलौकिक हिमालयी वादियों में स्थित पवित्र केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बाबा केदार के जयकारों और बद्री विशाल के भजनों से पूरी घाटी गुंजायमान है। दोनों ही धामों में भगवान के दर्शन और शीश नवाने के लिए भक्तों की मील लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो उनकी अटूट आस्था को दर्शाती हैं।

केदारनाथ में 10 लाख और बद्रीनाथ में 8 लाख का आंकड़ा पार

इस साल की चारधाम यात्रा ने शुरुआत से ही गति पकड़ ली थी, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि श्रद्धालुओं की आमद ने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • केदारनाथ धाम: अब तक रिकॉर्ड 10,50,670 श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ियों की चढ़ाई पूरी कर बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

  • बद्रीनाथ धाम: भू-वैकुंठ कहे जाने वाले बद्रीनाथ धाम में अब तक 8,32,903 भक्तों ने भगवान बद्री विशाल के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया है।

इन दोनों प्रमुख धामों को मिलाकर अब तक कुल 18.8 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री को मिलाकर यह आंकड़ा 21 लाख को पार कर चुका है।

प्रशासन की मुस्तैदी और 'वन-वे' ट्रैफिक व्यवस्था

श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड तोड़ आमद को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) बेहद अलर्ट मोड पर हैं। व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • जोशीमठ में वन-वे व्यवस्था: बद्रीनाथ मार्ग पर यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जोशीमठ में 'वन-वे' (एकतरफा) ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे संकरे पहाड़ी रास्तों पर जाम की स्थिति न बने।

  • सख्त रजिस्ट्रेशन चेकिंग: सोनप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वारा जैसे मुख्य पड़ावों पर श्रद्धालुओं के अनिवार्य ई-पास (रजिस्ट्रेशन) की जांच की जा रही है, ताकि दैनिक तय सीमा के भीतर ही भीड़ आगे बढ़े।

प्रशासन की ओर से जरूरी गाइडलाइन: मानसून से पहले कर लें ये तैयारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए यात्रियों से विशेष अपील की है:

  1. एडवांस रजिस्ट्रेशन: बिना वैध रजिस्ट्रेशन के यात्रा की शुरुआत बिल्कुल न करें, ताकि प्रशासन के पास आपका रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।

  2. गर्म कपड़े साथ रखें: ऊंचाई वाले इन क्षेत्रों में इस समय भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े साथ लाएं।

  3. पहले से कराएं बुकिंग: धामों में ठहरने के लिए आवास (Accommodation) की बुकिंग पहले से ही सुनिश्चित करके आएं, क्योंकि मौके पर भारी भीड़ के कारण कमरे मिलना मुश्किल हो रहा है।