डाबर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, FSSAI के बैन पर लगी रोक !
दिल्ली हाई कोर्ट ने FSSAI के बैन को किया सस्पेंड, डाबर के उत्पादों की बिक्री रहेगी जारी। जानिए क्या है पूरी कंट्रोवर्सी !
डाबर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत: FSSAI के '100% प्योर' बैन पर लगी रोक
एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया (Dabur India) को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बहुत बड़ी राहत मिली है।
यहां इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारी दी गई है:
क्या था पूरा मामला?
3 अगस्त 2026 को FSSAI ने डाबर इंडिया को एक आदेश जारी करते हुए उसके कई उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया था।
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किन उत्पादों पर था असर? इस बैन के दायरे में डाबर का शहद (Honey), गाय का घी, नारियल तेल, तिल का तेल, एप्पल साइडर विनेगर और नारियल पानी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे।
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FSSAI का तर्क: नियामक का कहना था कि कंपनियों द्वारा पैक पर "100% प्योर" (100% Pure), "100% नेचुरल" (100% Natural) और "100% ऑर्गेनिक" जैसे दावे अस्पष्ट हैं। FSSAI के मुताबिक, ऐसे दावों को आसानी से सत्यापित (verify) नहीं किया जा सकता और ये ग्राहकों को गुमराह करते हैं।
डाबर ने हाई कोर्ट में क्या दलीलें दीं?
FSSAI के इस अचानक लिए गए फैसले के खिलाफ डाबर ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और आदेश को चुनौती दी।
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प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन:
डाबर का आरोप था कि FSSAI ने यह आदेश बिना किसी 'कारण बताओ नोटिस' (Show-cause notice) के और कंपनी को अपनी बात रखने का कोई मौका दिए बिना ही एकतरफा रूप से पारित कर दिया। -
बाजार में भेदभाव: कंपनी ने कोर्ट को बताया कि खाद्य क्षेत्र की कई अन्य बड़ी कंपनियां भी विभिन्न श्रेणियों में '100%' शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ उन पर की गई।
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छवि को नुकसान:
डाबर ने कहा कि सार्वजनिक रूप से ऐसा आदेश जारी होने से बाजार में 142 साल पुरानी कंपनी की प्रतिष्ठा और ब्रांड की छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है।
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
शुक्रवार को जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने डाबर की याचिका पर सुनवाई की और कंपनी के तर्कों से सहमति जताई।
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अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) FSSAI का बिक्री रोकने वाला यह नोटिस, कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना, जारी नहीं किया जाना चाहिए था।
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इस टिप्पणी के साथ हाई कोर्ट ने FSSAI के 3 अगस्त के आदेश पर रोक (Stay) लगा दी है, जिसका मतलब है कि डाबर अब इन उत्पादों को फिलहाल बेच सकेगा।
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साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार और FSSAI सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले में उनका आधिकारिक जवाब मांगा है।
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