मांजलपुर उपचुनाव 2026: पूर्व विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर मतदान शुरू !

भाजपा के गढ़ में क्या फिर खिलेगा कमल या कांग्रेस करेगी पलटवार? मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में आज जनता कर रही है फैसला।

मांजलपुर उपचुनाव 2026: पूर्व विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर मतदान शुरू !

वडोदरा की मांंजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव: मतदान जारी, जानिए सभी मुख्य बातें

वडोदरा (गुजरात): गुजरात की वडोदरा स्थित मांजलपुर विधानसभा सीट (145) पर उपचुनाव के लिए आज सुबह से ही वोटिंग जारी है। पूर्व वरिष्ठ भाजपा विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री योगेश पटेल (काका) के निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई थी। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोग उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • सीट का नाम: मांजलपुर विधानसभा (145), वडोदरा

  • कुल मतदाता: लगभग 2.19 लाख

  • कुल मतदान केंद्र (Polling Booths): 260

  • सुरक्षा व्यवस्था: 1,400 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती

  • मुख्य मुकाबला: भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)

  • चुनाव का कारण: पूर्व विधायक योगेश पटेल का निधन

मतदान केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था

निर्वाचन आयोग और वडोदरा जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

  • मॉडल व पिंक पोलिंग बूथ: महिला मतदाताओं और दिव्यांगों की सुविधा के लिए विशेष पिंक बूथ और मॉडल पोलिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं।

  • कड़ी सुरक्षा: किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 1,400 से अधिक पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर तैनात किया गया है।

  • वेबकास्टिंग: सभी 260 बूथों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए जिला निर्वाचन कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जा रही है।

क्यों हो रहा है यह उपचुनाव?

मांजलपुर सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे योगेश पटेल का जून 2026 में 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

योगेश पटेल (काका) का राजनीतिक सफर:

  • लगातार 8 बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले गुजरात के कद्दावर नेताओं में से एक।

  • 1990 से 2007 तक रावपुरा सीट और 2012, 2017 एवं 2022 में मांजलपुर सीट से विधायक चुने गए।

  • गुजरात सरकार में नर्मदा विकास और शहरी विकास राज्य मंत्री रह चुके थे।

  • वडोदरा के सुरसागर झील में 111 फीट ऊंची सर्वेश्वर महादेव प्रतिमा के निर्माण और ऐतिहासिक 'शिवजी की सवारी' उत्सव की शुरुआत में उनकी मुख्य भूमिका रही।

भाजपा का गढ़ और सियासी समीकरण

मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य किला माना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में योगेश पटेल ने 1 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

चुनाव वर्ष विजेता प्रत्याशी (भाजपा) निकटतम प्रतिद्वंद्वी (कांग्रेस) जीत का अंतर
2012 योगेश पटेल (92,642 वोट) छिन्नम गांधी (40,857 वोट) 51,785
2017 योगेश पटेल (1,05,036 वोट) चिराग ज़वेरी (48,674 वोट) 56,362
2022 योगेश पटेल (1,20,133 वोट) तसवीन सिंह (19,379 वोट) 1,00,754

इस उपचुनाव में भाजपा जहां अपने पारंपरिक गढ़ को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय नागरिक मुद्दों को उठाकर कड़ी टक्कर देने का प्रयास कर रही है।

आगे क्या?

मतदान प्रक्रिया शाम तक पूरी होगी, जिसके बाद ईवीएम (EVM) को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। मतगणना के दिन तय होगा कि मांजलपुर की जनता योगेश पटेल की विरासत किसे सौंपती है।