पुणे का केतन मर्डर केस: जिसे समझा हादसा, वो निकला खूनी खेल !

लोहागढ़ किले की 350 मीटर गहरी खाई से शुरू हुई ट्रेकिंग दुर्घटना की कहानी अब देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बन चुकी है।

पुणे का केतन मर्डर केस: जिसे समझा हादसा, वो निकला खूनी खेल !

पुणे के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) की गहरी खाई से शुरू हुई एक 'ट्रेकिंग दुर्घटना' की कहानी, आज देश की सबसे सनसनीखेज और खौफनाक मर्डर मिस्ट्री बन चुकी है। 25 वर्षीय युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत, जिसे शुरुआत में एक दुखद हादसा माना जा रहा था, पुणे ग्रामीण पुलिस की मुस्तैदी और बारीक कड़ियों को जोड़ने के बाद एक सोची-समझी क्रूर हत्या (Pre-planned Murder) साबित हुई है।

इस हत्याकांड का ताना-बाना किसी और ने नहीं, बल्कि खुद केतन की होने वाली मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर बुना था। आइए तफ्सील से जानते हैं कि पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को कैसे सुलझाया।

घटना की शुरुआत: 18 जून का वो 'हादसा'

18 जून 2026 को पुणे के पास स्थित लोनावला के लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल करीब 350 मीटर गहरी खाई में गिर जाते हैं और मौके पर ही उनकी मौत हो जाती है। केतन के साथ उनकी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल भी थीं। सिया ने बेहद शातिराना तरीके से रोते-बिलखते हुए परिवार और पुलिस को बताया कि केतन का पैर फिसल गया और यह एक दर्दनाक ट्रेकिंग हादसा था।

केतन का परिवार सिया को अपनी बेटी की तरह मानता था, इसलिए शुरुआती 2-3 दिनों तक किसी को कोई शक नहीं हुआ। शादी इसी साल नवंबर में उदयपुर में बेहद भव्य तरीके से होने वाली थी।

कहानी में ट्विस्ट: बहन का शक और मोबाइल रिकॉर्ड्स

हादसे के चौथे दिन जब सिया, केतन के घर पहुंची तो केतन की बहन को सिया के चेहरे और व्यवहार में कोई वास्तविक दुख या पछतावा नजर नहीं आया। बहन के मन में उठे इसी छोटे से संदेह ने पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए प्रेरित किया।

पुणे ग्रामीण पुलिस (Pune Rural Police) ने जब तकनीकी जांच शुरू की और सिया का फोन खंगाला, तो पुलिस के होश उड़ गए:

  • 2004 कॉल और 258 घंटे की बातचीत: पिछले छह महीनों में सिया ने केतन से ज्यादा एक अन्य नंबर पर बात की थी। उस नंबर पर कुल 2004 कॉल की गई थीं और दोनों ने लगभग 258 घंटे फोन पर बिताए थे।

  • प्रेमी की एंट्री: पुलिस ने जब उस नंबर को ट्रैक किया, तो वह चेतन बाबूलाल चौधरी का निकला, जो मार्केट यार्ड इलाके में काम करता था। सिया और चेतन की मुलाकात दिवाली 2025 की एक पार्टी में हुई थी और वे एक-दूसरे से प्यार करने लगे थे, लेकिन परिवार के दबाव में सिया की सगाई फरवरी 2026 में केतन से करा दी गई थी।

पुलिस की तफ्तीश: 33°C तापमान में वो 'हुडी वाला शख्स'

लोहागढ़ किले की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने पर पुलिस को सबसे बड़ा और निर्णायक सुराग मिला।

  1. जून की गर्मी में हुडी: 18 जून को जब तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था, तब टिकट काउंटर और किले के रास्तों पर एक युवक शॉर्ट्स और चेहरे को छिपाने के लिए हुडी (Hoodie) पहने हुए, कानों में हेडसेट लगाए केतन और सिया के ठीक पीछे-पीछे चल रहा था।

  2. आंखों के इशारे और सिग्नल्स: सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखने पर पुलिस ने पाया कि सिया हर दो-तीन मिनट में पीछे मुड़कर उस हुडी वाले शख्स को देख रही थी। एक जगह पर सिया ने अपने चेहरे के पास हाथ ले जाकर एक खास इशारा (Signal) किया, जिसका जवाब उस हुडी वाले शख्स ने भी दिया।

  3. लोकेशन ट्रैकिंग: वह हुडी वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि चेतन चौधरी था। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना खुद का मोबाइल घर पर छोड़ दिया था और अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर आया था, जिससे वह व्हाट्सएप के जरिए सिया के संपर्क में था। वारदात वाले दिन चेतन सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक उसी इलाके में मौजूद था।

मर्डर की पूरी क्रोनोलॉजी: पहले भी हुई थी नाकाम कोशिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सिया इस शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। वह चेतन के साथ रहना चाहती थी, इसलिए दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।

  • 31 मई 2026 (रेकी): सिया और केतन 31 मई को भी लोहागढ़ किला आए थे। असल में सिया और चेतन ने मिलकर इस जगह को हत्या के लिए चुना था और पूरी रेकी की थी। उस दिन मौका न मिलने के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे पाए।

  • 18 जून 2026 (हत्या का दिन): सिया अपने प्री-बर्थडे फोटोशूट और घूमने का बहाना बनाकर केतन को दोबारा उसी पॉइंट पर ले गई। वहां पहले से घात लगाकर बैठा चेतन भी पहुंच गया। मौका मिलते ही केतन को पहाड़ी की चोटी से सीधे गहरी खाई में धक्का दे दिया गया। पुलिस अभी इस बात की फोरेंसिक जांच कर रही है कि सीधा धक्का सिया ने दिया था या चेतन ने।

अंजाम: सलाखों के पीछे 'खूनी इश्क'

पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल और उनकी टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा रिकॉर्ड्स (CDR) के अचूक जाल में दोनों आरोपियों को ऐसा घेरा कि उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

वर्तमान में पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को हत्या और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने सिया को पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि चेतन भी पुलिस कस्टडी में है। इस जघन्य हत्याकांड ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है कि कैसे पारिवारिक दबाव और रिश्तों में झूठ का सहारा लेने के बजाय एक सच न बोलना, एक हंसते-खेलते मासूम परिवार की बर्बादी और इतनी बड़ी क्रूरता की वजह बन गया।