अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी !

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों का सीजफायर हुआ है, जिसके तहत जंग के 40वें दिन ट्रम्प ने हमले रोकने का फैसला किया।

अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर:40वें दिन जंग रुकी !

7 अप्रैल, 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर होने वाले हमलों को 2 हफ्तों के लिए रोकने (सीजफायर) का ऐलान किया है। यह फैसला युद्ध के 40वें दिन आया है, जिससे मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर तबाही का खतरा फिलहाल टल गया है।

1. पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रम्प का बयान

राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर (जिन्हें ट्रम्प ने फील्ड मार्शल कहकर संबोधित किया) की अपील के बाद लिया गया है।

  • ट्रम्प के शब्द: "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया कि मैं ईरान पर भेजी जाने वाली विनाशकारी शक्ति को रोक दूँ... मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए बमबारी और हमले को स्थगित करने के लिए सहमत हूँ।"

2. सीजफायर की शर्तें और शर्तें

यह युद्धविराम पूरी तरह से बिना शर्त नहीं है। ट्रम्प ने इसके लिए ईरान के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान को इस वैश्विक तेल मार्ग को तुरंत और सुरक्षित रूप से पूरी तरह खोलना होगा।

  • 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव: ईरान ने एक '10-पॉइंट पीस प्लान' पेश किया है, जिसे ट्रम्प ने बातचीत के लिए एक "कामकाजी आधार" (workable basis) माना है।

  • वार्ता का स्थान: ईरान और अमेरिका के बीच औपचारिक बातचीत इस शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी।

3. ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' ने दो हफ्ते के सीजफायर को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • यह युद्ध का अंत नहीं है, बल्कि कूटनीति के लिए दिया गया एक अवसर है।

  • ईरान के सशस्त्र बलों के साथ समन्वय के माध्यम से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा।

4. पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान इस पूरे संकट में एक प्रमुख मध्यस्थ बनकर उभरा है। पीएम शहबाज शरीफ ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर ट्रम्प से डेडलाइन बढ़ाने और ईरान से हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का आग्रह किया था। पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है ताकि एक स्थायी समझौते पर पहुँचा जा सके।

 ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो "एक पूरी सभ्यता (civilization) समाप्त हो सकती है।" इस सीजफायर ने फिलहाल उस विनाशकारी युद्ध की संभावना को रोक दिया है जिसने वैश्विक तेल आपूर्ति और स्थिरता को खतरे में डाल दिया था।