चौर्यासी टोल प्लाजा पर हाई-स्पीड स्कैनर्स और ANPR कैमरों का कमाल !

भरुच-सूरत हाईवे पर स्थित चौर्यासी टोल प्लाजा अब 'बैरियर-लेस' हो गया है, जहाँ ANPR कैमरों और LiDAR तकनीक की मदद से वाहन बिना रुके अपनी गति से सीधे गुजर सकेंगे।

चौर्यासी टोल प्लाजा पर हाई-स्पीड स्कैनर्स और ANPR कैमरों का कमाल !

भरुच -सूरत हाईवे पर 'चौर्यासी टोल प्लाजा' बना देश की नई क्रांति का प्रतीक; अब बिना रुके फर्राटा भरेंगे वाहन!

भारत के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। भरुच और सूरत को जोड़ने वाले व्यस्त नेशनल हाईवे पर स्थित 'चौर्यासी टोल प्लाजा' (Choryasi Toll Plaza) अब एक साधारण टोल नाका नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और रफ्तार का एक अद्भुत उदाहरण बन गया है। इस टोल प्लाजा को अब पूरी तरह से 'बैरियर-लेस' (Barrier-less) बना दिया गया है, जिससे वाहन बिना रुके अपनी गति से सीधे गुजर सकेंगे।

बिना गेट, बिना कतार: नई क्रांति की शुरुआत

आमतौर पर टोल प्लाजा का नाम आते ही दिमाग में वाहनों की लंबी कतारें और बैरियर (गेट) खुलने का इंतजार आता है। लेकिन चौर्यासी टोल प्लाजा पर अब यह सब बीते वक्त की बात हो गई है। यहाँ एक ऐसी व्यवस्था की गई है जहाँ कोई फिजिकल गेट नहीं है। वाहन चालक अपनी सामान्य गति (High Speed) से हाईवे पार कर सकते हैं और टोल का भुगतान ऑटोमेटिक तरीके से हो जाएगा।

कैसे काम करती है यह 'स्मार्ट' तकनीक?

इस प्लाजा को स्मार्ट और गतिशील बनाने के लिए दुनिया की बेहतरीन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है:

  • ANPR कैमरे (Automatic Number Plate Recognition): ये हाई-टेक कैमरे तेज रफ्तार में चल रहे वाहनों की नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन कर लेते हैं।

  • लिडार और रडार (LiDAR-Radar) टेक्नोलॉजी: लेजर और रडार की मदद से वाहन के आकार और श्रेणी (जैसे कार, ट्रक या बस) का सटीक अंदाजा लगाया जाता है ताकि सही टोल काटा जा सके।

  • हाई-स्पीड स्कैनर्स: फास्टैग (FASTag) को नैनो-सेकंड्स में रीड करने के लिए अल्ट्रा-सेंसिटिव स्कैनर्स लगाए गए हैं।

वाहन चालकों को होंगे ये बड़े फायदे:

  1. समय की बचत: टोल पर रुकने की जरूरत नहीं होने से यात्रा के समय में भारी कमी आएगी।

  2. ईंधन की बचत: बार-बार ब्रेक लगाने और गाड़ी स्टार्ट करने की झंझट खत्म होने से डीजल-पेट्रोल की बचत होगी।

  3. प्रदूषण में कमी: कतारें न लगने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा।

  4. स्मूथ ड्राइविंग: हाईवे का अनुभव अब किसी अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेसवे जैसा होगा।

स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ता भारत

चौर्यासी टोल प्लाजा का यह मॉडल भविष्य के भारतीय हाईवे की तस्वीर है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के सभी प्रमुख टोल प्लाजा को इसी तरह 'फ्री-फ्लो' ट्रैफिक सिस्टम में बदल दिया जाए। यह बदलाव न केवल व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाएगा, बल्कि आम आदमी के सफर को भी सुखद बनाएगा।