कच्छ के रास्ते भारत में 'यूरोपियन' साजिश
गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में कच्छ के समुद्र से ₹200 करोड़ का ड्रग्स जब्त किया है। प्राथमिक जांच में इस ड्रग्स सिंडिकेट का सीधा संबंध पाकिस्तान के बजाय यूरोप से होने की चौंकाने वाली आशंका सामने आई है।
गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड की बड़ी कार्रवाई: कच्छ के समुद्र से 200 करोड़ का ड्रग्स जब्त, यूरोप कनेक्शन की आशंका
गुजरात का तटवर्ती इलाका एक बार फिर देश विरोधी तत्वों और ड्रग्स माफियाओं के लिए सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है, इस बात का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक गुप्त ऑपरेशन के तहत गुजरात एटीएस (Anti-Terrorist Squad), इंडियन कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) और स्थानीय एसओजी (Special Operations Group) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कच्छ के समुद्र से 200 करोड़ रुपये की अंतर्राष्ट्रीय कीमत का ड्रग्स का बड़ा जखीरा जब्त किया है। इसके साथ ही जहाज पर सवार कुछ संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
ऑपरेशन के मुख्य विवरण और प्राथमिक खुलासे
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि कच्छ के समुद्री रास्ते से करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थों की तस्करी होने वाली है। इन सटीक इनपुट्स के आधार पर समुद्र में निगरानी रखकर एक संदिग्ध जहाज को रोका गया।
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200 करोड़ का ड्रग्स: जहाज की तलाशी लेने पर उसमें से करीब 200 करोड़ रुपये की कीमत का ड्रग्स बरामद हुआ है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
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यूरोप कनेक्शन: प्राथमिक जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ड्रग्स का यह जखीरा पाकिस्तान या अफगानिस्तान से नहीं, बल्कि यूरोप से लाया जा रहा था। भारत में यूरोपीय देशों से समुद्र के रास्ते ड्रग्स घुसाने का यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
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संदिग्धों को हिरासत में लिया गया: जहाज पर मौजूद खलासी (नाविकों) और अन्य संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।
गुजरात एटीएस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर
यह ड्रग्स का जखीरा यूरोप के किस देश से भेजा गया था? भारत में इस माल की डिलीवरी कौन लेने वाला था? और इस अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए एजेंसियां जांच कर रही हैं। इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए गुजरात एटीएस आज दोपहर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है, जिसमें इस ऑपरेशन से जुड़ी आधिकारिक और विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
कच्छ का समुद्री तट क्यों बना है टारगेट?
गुजरात का 1600 किलोमीटर लंबा समुद्री तट भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। कच्छ के क्रीक एरिया और निर्जन टापुओं का फायदा उठाकर अक्सर ड्रग्स माफिया यहां नशीले पदार्थ उतारने (लैंड करने) का प्रयास करते रहते हैं। हालांकि, भारतीय कोस्ट गार्ड और गुजरात एटीएस की सतर्कता के कारण पिछले कुछ समय में समुद्र में ही हजारों करोड़ का ड्रग्स पकड़कर 'सी वॉल' (Sea Wall) को मजबूत किया गया है।
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