इबोला का 'सुपर स्ट्रेन': 900+ केस, 223 मौतें !
अफ्रीका में इबोला के नए 'बंडीबुग्यो' स्ट्रेन ने तबाही मचा रखी है। अब तक 900 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 223 अपनी जान गंवा चुके हैं।
मई 2026 में अफ्रीकी देशों, विशेषकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के एक नए और दुर्लभ स्ट्रेन ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। इस प्रकोप की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHEIC) घोषित किया है।
इस नए स्ट्रेन और वर्तमान स्थिति से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. संक्रमण और मृत्यु के आंकड़े
ताजा रिपोर्ट्स (28-29 मई 2026 तक) के अनुसार, स्थिति काफी चिंताजनक है:
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कुल संदिग्ध मामले: 900 से अधिक (कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 1,200 के करीब बताई गई है)।
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कुल मौतें: अब तक 223 से ज्यादा लोगों की जान जाने की आशंका है।
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प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से कांगो का इतूरी (Ituri) प्रांत और पड़ोसी देश युगांडा। युगांडा की राजधानी कम्पाला में भी कुछ पुष्ट मामले मिले हैं।
2. नया स्ट्रेन: बंडीबुग्यो (Bundibugyo)
इस बार का प्रकोप 'बंडीबुग्यो इबोला स्ट्रेन' (Bundibugyo Virus - BDBV) के कारण फैला है। यह स्ट्रेन इसलिए अधिक खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि:
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वैक्सीन की कमी: इबोला के सबसे आम 'ज़ायरे' (Zaire) स्ट्रेन के लिए तो वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन बंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट उपचार मौजूद नहीं है।
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दुर्लभ प्रकृति: यह स्ट्रेन काफी दुर्लभ है, जिससे वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए इसे नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
3. संक्रमण कैसे फैलता है?
इबोला एक ज़ूनोटिक (Zoonotic) बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। इंसानों के बीच यह निम्नलिखित माध्यमों से फैलता है:
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संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक तरल पदार्थों (पसीना, लार, मूत्र आदि) के सीधे संपर्क में आने से।
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संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़ों, बिस्तर या मेडिकल उपकरणों के संपर्क में आने से।
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मृत शरीर के संपर्क में आने से (अंतिम संस्कार के दौरान)।
4. लक्षण और बचाव
इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल है। इसके बाद उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव (Bleeding) होने लगता है।
बचाव के उपाय:
संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।
हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।
जंगली जानवरों (जैसे चमगादड़ या बंदर) के मांस के सेवन से बचें।
5. भारत में स्थिति और सतर्कता
भारत में अभी तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, बेंगलुरु में युगांडा से आई एक महिला को संदिग्ध मानकर आइसोलेशन में रखा गया था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। भारत सरकार ने सुरक्षा के तौर पर हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी है ताकि वायरस को देश में प्रवेश करने से रोका जा सके।
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