मानसून का रौद्र रूप,देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त !
मानसून की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ और तटीय इलाकों में जाने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी जरूर देखें।
मानसून का कहर: देश के कई राज्यों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई हादसों में जान-माल का नुकसान
6 जुलाई 2026: देश भर में मानसून की सक्रियता ने विकराल रूप ले लिया है। महाराष्ट्र से लेकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश तक, मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। सड़कों पर सैलाब, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और हादसों की खबरों ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
महाराष्ट्र: सातारा में पुल ढहा, मुंबई में थमी रफ्तार
महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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सातारा में पुल टूटा: सातारा जिले के महाबलेश्वर में वेन्ना नदी पर बना एक पुल भारी जलप्रवाह के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कई पर्यटक वाहन फंस गए। प्रशासन और राहत दलों ने क्रेन का उपयोग करके फंसी हुई कारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस मार्ग के अवरुद्ध होने से नदी के दूसरी ओर स्थित होटलों और बस्तियों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है।
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मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक: आर्थिक राजधानी मुंबई में मूसलाधार बारिश ने रेल और सड़क यातायात पर गहरा असर डाला है। जलभराव के कारण वेस्टर्न रेलवे की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे 20 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें फंस गई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर खंडाला के पास हुए भूस्खलन के कारण यातायात ठप है। एहतियात के तौर पर मुंबई के प्रसिद्ध 'डब्बावालों' ने भी अपनी सेवाएं स्थगित कर दी हैं।
हिमाचल प्रदेश: चंबा में दर्दनाक हादसा
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है।
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चलती कार पर गिरी चट्टान: ढकोग-बन्नी माता मंदिर सड़क पर बन्नी माता के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की एक कार पर अचानक पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टान आ गिरी। चट्टान सीधे कार की छत को चीरते हुए अंदर जा धंसी, जिसमें धर्मशाला के नड्डी क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय दीक्षिता की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन में सवार अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं।
जम्मू-कश्मीर: लैंडस्लाइड और बाढ़ का साया
जम्मू-कश्मीर में भी बारिश ने तबाही मचा रखी है।
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किश्तवाड़ में तबाही: किश्तवाड़ जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण जम्मू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे-244 को बंद कर दिया गया है। क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ आने से कई वाहन दब गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन लगातार बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही है।
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हवाई सेवाएं प्रभावित: खराब मौसम के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे से सोमवार को सभी वाणिज्यिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्री भी सुरक्षा के मद्देनजर शिविरों में रुके हुए हैं।
प्रशासन की अपील और सावधानी
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
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यात्रा से बचें: अनावश्यक यात्रा न करें, विशेषकर पहाड़ी इलाकों और उन मार्गों पर जहां भूस्खलन की चेतावनी है।
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अपडेट्स पर नजर रखें: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
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सुरक्षित स्थान पर रहें: यदि आप जलभराव वाले क्षेत्रों में हैं, तो ऊंचे स्थानों पर चले जाएं और विद्युत उपकरणों से दूर रहें।
मानसून की यह मार न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
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