बड़ी कामयाबी: अहमदाबाद-वडोदरा की स्कूलों को उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार !
अहमदाबाद और वडोदरा की 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मुख्य आरोपी बिश्वास को क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने ईमेल के जरिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ गुजरात की शांति भंग करने की राष्ट्रविरोधी साजिश रची थी।
अहमदाबाद-वडोदरा की 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, बंगाल से जुड़ा है साजिश का सिरा
गुजरात की शांति भंग करने और मासूम बच्चों के मन में दहशत पैदा करने वाली एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने एक बेहद संवेदनशील ऑपरेशन के तहत पश्चिम बंगाल से उस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अहमदाबाद और वडोदरा की स्कूलों समेत अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
पकड़े गए आरोपी का नाम बिश्वास बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इस आरोपी ने न केवल स्कूलों को निशाना बनाया, बल्कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
क्या था पूरा मामला और कब मिली धमकी?
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 17 दिसंबर को हुई थी, जब केंद्रीय गृहमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद दहशत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका:
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16 फरवरी की धमकी: आरोपी ने दोबारा संदेश भेजा, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को निशाने पर लेने की बात कही गई थी।
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40 स्कूलों पर निशाना: धमकी भरे ईमेल में अहमदाबाद और वडोदरा की करीब 40 प्रमुख स्कूलों को एक साथ उड़ाने का दावा किया गया था।
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देशविरोधी एजेंडा: इन संदेशों में गुजरात को 'खालिस्तान' बनाने और भारत के टुकड़े करने जैसी भड़काऊ और राष्ट्रविरोधी बातें लिखी गई थीं।
क्राइम ब्रांच ने कैसे बिछाया जाल?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और साइबर विशेषज्ञों की टीम ने इस मामले को सुलझाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया।
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IP एड्रेस की जांच: विशेषज्ञों ने उन ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जिनसे धमकी भरे संदेश भेजे गए थे।
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पश्चिम बंगाल कनेक्शन: डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए जांच टीम पश्चिम बंगाल तक जा पहुंची, जहां से मुख्य सूत्रधार बिश्वास को दबोचा गया।
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पुरानी कड़ियां: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बिश्वास का संबंध पहले पकड़ी गई रेनी जोशील्डा नाम की महिला से है, जिसे इसी तरह के अपराध में गिरफ्तार किया गया था।
जांच के घेरे में बड़ी साजिश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिश्वास को अहमदाबाद लाकर अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसके रिमांड मंजूर कर लिए गए हैं। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:
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क्या इस साजिश के पीछे कोई विदेशी ताकतों का हाथ है?
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क्या अदालतों को भेजी गई पिछली धमकियों में भी इसी गिरोह की भूमिका थी?
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आरोपी का असली मकसद क्या केवल दहशत फैलाना था या वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था?
पुलिस का बयान: "ऐसी धमकियां सिर्फ मजाक नहीं होतीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने का प्रयास हैं। गुजरात पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।"
इस गिरफ्तारी से अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी भी हाई अलर्ट पर हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।
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