World Oil Crisis: ईरान बना किंग, बाकी सब फेल ?
मध्य पूर्व में युद्ध के बावजूद ईरान के खार्ग टर्मिनल से तेल की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी है, जिससे देश रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है।
युद्ध के बीच ईरान की चांदी: तेल-गैस से रिकॉर्ड कमाई, खाड़ी देशों का प्रोडक्शन 70% गिरा
मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और सैन्य संघर्ष के बावजूद ईरान ने अपनी अर्थव्यवस्था को तेल के दम पर न केवल संभाला है, बल्कि वह इस संकट का सबसे बड़ा आर्थिक लाभार्थी बनकर उभरा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल 'खार्ग' से सप्लाई निर्बाध रूप से जारी है, जबकि उसके पड़ोसी खाड़ी देशों का उत्पादन और निर्यात इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
1. खार्ग टर्मिनल: ईरान की लाइफलाइन सुरक्षित
ईरान का 90% कच्चा तेल खार्ग आइलैंड से ही एक्सपोर्ट होता है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खार्ग द्वीप पर 'सैन्य ठिकानों' को निशाना बनाने के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह है कि वहां का ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर (तेल ढांचा) सुरक्षित है।
-
ईरान ने फरवरी के अंत से मार्च के मध्य तक लगभग 1.5 से 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) का निर्यात जारी रखा है।
-
युद्ध की आहट के बीच ईरान ने अपनी स्टोरेज क्षमता का पूरा इस्तेमाल करते हुए करीब 30 मिलियन बैरल तेल जमा कर लिया था, जिससे सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आई।
2. खाड़ी देशों का 70% तक गिरा प्रोडक्शन
ईरान के विपरीत, सऊदी अरब, कुवैत, इराक और यूएई जैसे देशों के लिए यह युद्ध आर्थिक आपदा साबित हो रहा है।
-
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से इन देशों का समुद्री मार्ग पूरी तरह ठप है।
-
इन देशों का सामूहिक तेल उत्पादन 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन से भी ज्यादा गिर चुका है।
-
कतर, जो दुनिया का प्रमुख गैस निर्यातक है, उसे भी ईरानी हमलों के डर से अपना LNG उत्पादन बंद करना पड़ा है, जिससे यूरोप में गैस की कीमतें 80% तक बढ़ गई हैं।
3. तेल की आसमान छूती कीमतें और ईरान का मुनाफा
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत $100 से $120 प्रति बैरल के बीच झूल रही है।
-
कमाई का आंकड़ा: युद्ध के पहले 20 दिनों में ही ईरान ने तेल बेचकर लगभग $1.7 से $2.5 बिलियन की कमाई की है।
-
जहाँ अन्य देशों की सप्लाई रुकी हुई है, वहीं ईरान चीन जैसे देशों को भारी मात्रा में तेल भेजकर अपनी तिजोरी भर रहा है।
4. वैश्विक ऊर्जा संकट और IEA की चेतावनी
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा 'सप्लाई शॉक' करार दिया है। दुनिया भर में तेल की कमी को पूरा करने के लिए IEA ने अपने सदस्य देशों से 400 मिलियन बैरल का आपातकालीन भंडार (Strategic Reserves) जारी करने का फैसला किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिलीज है।
ईरान की यह रणनीतिक बढ़त अमेरिका और इजरायल के लिए सिरदर्द बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि यदि खार्ग आइलैंड के तेल ढांचे पर सीधा हमला होता है, तो वैश्विक तेल कीमतें $150 के पार जा सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया में महामंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
Matrimonial

BRG News 


