गुजरात में मौसम का डबल अटैक;एक तरफ भीषण गर्मी, दूसरी तरफ बेमौसम बारिश का अलर्ट!
भीषण गर्मी के बीच अब बेमौसम बारिश की आहट ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सौराष्ट्र, कच्छ और उत्तर गुजरात के जिलों में 5 अप्रैल तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
गुजरात में कुदरत के दो रंग: भीषण गर्मी के बीच बेमौसम बारिश का अलर्ट !
गुजरात में अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। एक तरफ जहाँ राज्य के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँचने से लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में बेमौसम बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाली 5 अप्रैल तक गुजरात के कई जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में बारिश का 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण गुजरात के तटीय और उत्तरी इलाकों में मौसम बदलेगा। विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर असर पड़ने की संभावना है:
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सौराष्ट्र और कच्छ: जामनगर, राजकोट और कच्छ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
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उत्तर गुजरात: बनासकांठा, साबरकांठा और पाटन जिलों में धूल भरी आँधी चलने और बूंदाबांदी का अनुमान है।
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दक्षिण गुजरात: वलसाड और नवसारी के कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे।
गर्मी का सितम भी रहेगा बरकरार
भले ही बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गर्मी से पूरी तरह राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस (Humidity) बढ़ेगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 41°C से 43°C के बीच रहने का अनुमान है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश की आहट ने गुजरात के किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वर्तमान में कई इलाकों में रबी फसलों की कटाई का काम अंतिम चरण में है।
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गेहूं और जीरा: अगर बारिश तेज होती है, तो खुले में पड़ी गेहूं और जीरे की फसल को नुकसान पहुँच सकता है।
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आम की फसल: वलसाड और जूनागढ़ के बागान मालिकों को डर है कि तेज हवाओं और बारिश के कारण आम के बोर (मंजर) गिर सकते हैं।
स्वास्थ्य के प्रति रहें सावधान
मौसम में आने वाले इस अचानक बदलाव का सीधा असर सेहत पर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि:
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तापमान में उतार-चढ़ाव: दोपहर की गर्मी और शाम को अचानक होने वाली ठंडक से वायरल बुखार और सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ जाता है।
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हाइड्रेशन: गर्मी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें।
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सावधानी: बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपडेटेड रहें और खेतों में कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
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