कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, हेड कॉन्स्टेबल की मौत !

अनंतनाग में आतंकियों की कायराना हरकत से देश का एक और वीर जवान शहीद।जम्मू-कश्मीर पुलिस के वीर हेड कॉन्स्टेबल की शहादत को शत-शत नमन।

कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, हेड कॉन्स्टेबल की मौत !

कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला: अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल की मौत

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक बार फिर सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर कायरतापूर्ण आतंकी हमला किया गया है। इस हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्होंने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा (LeT) के हिट-स्कॉड माने जाने वाले 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

कैसे हुआ हमला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना अनंतनाग के बीजबेहरा/अनायतपुरा इलाके (या संबंधित व्यस्त बाजार क्षेत्र) के पास हुई। शहीद जवान अमरनाथ यात्रा के मार्ग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के सिलसिले में इलाके में तैनात थे।

  • घात लगाकर हमला: आतंकियों ने सुरक्षाबल के जवान को अकेला देख बेहद करीब से अंधाधुंध गोलियां चलाईं।

  • अस्पताल में तोड़ा दम: गोलीबारी के तुरंत बाद घायल हेड कॉन्स्टेबल को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण वे शहीद हो गए।

  • शहीद जवान की पहचान: शहीद जवान की पहचान जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रूप में हुई है, जो स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे।

TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने ली जिम्मेदारी

हमले के कुछ ही घंटों बाद आतंकी संगठन TRF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली।

क्या है TRF? द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा का ही एक मुखौटा संगठन (Shadow Group) है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद इस संगठन का नाम सामने आया था। यह संगठन अक्सर सुरक्षाबलों, गैर-स्थानीय मजदूरों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता रहा है।

पूरे इलाके की घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी

घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त दस्ते मौके पर पहुंचे।

  • पूरे इलाके की सघन घेराबंदी (Cordon and Search Operation) कर दी गई है।

  • हमलावर आतंकियों की धरपकड़ के लिए सर्च लाइटों, ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है।

  • शहर से बाहर निकलने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है और वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है।

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के बाद और अधिक सतर्क हो गई हैं।

  • हाई अलर्ट: अमरनाथ यात्रा के पूरे रूट (पहलगाम और बालताल दोनों मार्गों) पर सुरक्षा व्यवस्था का नए सिरे से रिव्यू किया जा रहा है।

  • अतिरिक्त बल की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में क्विक रिएक्शन टीमों (QRT) और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

  • तकनीकी निगरानी: यात्रा मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों और एंटी-ड्रोन सिस्टम को चौबीसों घंटे एक्टिव रखा जा रहा है।

प्रशासन और सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकियों के इस कायराना कृत्य से अमरनाथ यात्रा के उत्साह और सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा, तथा इस घटना में शामिल आतंकियों का जल्द ही सफाया कर दिया जाएगा।