सालों बाद ऐसा खौफ! US-ईरान जंग की आहट से शेयर बाजार में मचा 'ब्लैक मंडे' !

ईरान-इजरायल युद्ध और कुवैत-दुबई की घटनाओं के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारतीय निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अस्थिरता ने बाजार में पिछले कई सालों का सबसे भयानक डर पैदा कर दिया है।

सालों बाद ऐसा खौफ! US-ईरान जंग की आहट से शेयर बाजार में मचा 'ब्लैक मंडे' !

स्टॉक मार्केट को US-इजरायल और ईरान की जंग ने किया घायल, ऐसा हाल सालों से नहीं देखा

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों (Financial Markets) को हिला कर रख दिया है। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी सीधी जंग, कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान के क्रैश और दुबई-अबू धाबी में हुए धमाकों ने निवेशकों के मन में ऐसा डर पैदा किया है जो पिछले कई सालों में नहीं देखा गया।

भारतीय शेयर बाजार से लेकर वॉल स्ट्रीट तक, हर तरफ लाल निशान का बोलबाला है।

भारतीय बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम

सोमवार को बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स (Sensex) 1500 से अधिक अंक टूट गया, वहीं निफ्टी (Nifty) में भी 450 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई।

  • निवेशकों के डूबे करोड़ों: केवल एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

  • पैनिक सेलिंग: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

 कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग

जंग का सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। ईरान और खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें रातों-रात 10% उछलकर $95 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

  • महंगाई का डर: तेल महंगा होने का मतलब है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी होगी और आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ेगी।

सुरक्षित निवेश की ओर भागे लोग: सोना हुआ महंगा

जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक जोखिम वाले शेयर बाजार से पैसा निकालकर 'सेफ हेवन' यानी सोने (Gold) में निवेश करते हैं।

  • गोल्ड रिकॉर्ड हाई पर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई हैं। भारत में भी प्रति 10 ग्राम सोने के दाम में भारी उछाल देखा जा रहा है।

जानकारों की राय: क्या करें निवेशक?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी।

"यह समय जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने का नहीं है। निवेशकों को भू-राजनीतिक स्थितियों पर नजर रखनी चाहिए और गिरावट के समय केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए।"