महा-डिमोलिशन: इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई; राजकोट छावनी में तब्दील !
राजकोट नगर निगम ने जंगलेश्वर में आजी नदी के किनारे अब तक का सबसे बड़ा डिमोलिशन अभियान चलाकर 1400 से अधिक अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया है।
राजकोट में महा-डिमोलिशन: जंगलेश्वर में आजी नदी के किनारे 1400 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर
राजकोट: गुजरात के राजकोट शहर में आज प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के जंगलेश्वर (Jungleshwar) इलाके में आजी नदी के किनारे सालों से जमे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम (RMC) का 'पीला पंजा' पूरी ताकत के साथ गर्जा है। इसे राजकोट के इतिहास का सबसे बड़ा डिमोलिशन माना जा रहा है।
93 हजार वर्ग मीटर जमीन होगी अतिक्रमण मुक्त
प्रशासन के इस कड़े फैसले के बाद आजी नदी के किनारे बने लगभग 1400 से अधिक अवैध मकानों को ढहाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरी कार्रवाई के संपन्न होने के बाद करीब 93,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन खाली होगी, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर निगम ने पूरे इलाके को 7 जोन में बांटकर अलग-अलग टीमें तैनात की हैं।
3000 पुलिसकर्मी और हथियारों के साथ 'हाई अलर्ट'
इतने बड़े स्तर पर हो रहे डिमोलिशन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या विरोध को रोकने के लिए राजकोट पुलिस ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए हैं।
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भारी सुरक्षा बल: 3000 से अधिक पुलिस जवान लाठी और हथियारों के साथ मौके पर तैनात हैं।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: शहर पुलिस कमिश्नर, DCP, ACP और अन्य उच्चाधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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मैजिस्ट्रेट की नियुक्ति: किसी भी आपात स्थिति में लाठीचार्ज या सख्त कदम उठाने के आदेश के लिए मैजिस्ट्रेट की भी नियुक्ति की गई है।
मशीनों का भारी काफिला और 'बैकअप' टीमें
इस 'ऑपरेशन क्लीन' को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया है:
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मशीनें: 100 JCB, 84 ट्रैक्टर, 7 हिताची मशीनें और 42 गैस कटर।
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मैनपावर: नगर निगम के 1100 से अधिक कर्मचारी इस अभियान में जुटे हैं।
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इमरजेंसी सेवाएं: मौके पर फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस को 'स्टैंडबाय' पर रखा गया है।
दो दिन तक चल सकती है कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने का यह काम अगले एक से दो दिनों तक जारी रह सकता है। अधिकारियों ने बताया कि कब्जेदारों को पहले ही कानूनी नोटिस दिए जा चुके थे, जिसके बाद कई लोगों ने खुद ही अपने अवैध निर्माण हटा लिए थे। अब बाकी बचे अवैध ढांचों के खिलाफ आधिकारिक बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई है।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर
अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस की एक विशेष साइबर टीम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की इस ऐतिहासिक कार्रवाई पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? क्या आजी नदी के सौंदर्यीकरण के लिए यह कदम जरूरी था? अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।
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