राजमा-चावल का ग्लोबल जलवा; रिकॉर्ड तोड़कर दुनिया की टॉप बीन्स डिशेज की लिस्ट में मारी बाजी !
दुनिया भर के व्यंजनों को रेटिंग देने वाले 'टेस्ट एटलस' की सूची में राजमा-चावल ने विदेशी डिशेज को पछाड़कर दुनिया की बेहतरीन बीन्स डिश में जगह बनाई है। यह उपलब्धि भारतीय स्वाद और देसी मसालों की वैश्विक लोकप्रियता पर एक बड़ी मुहर है।
विदेशी डिशेज को पछाड़ 'राजमा-चावल' ने बनाया रिकॉर्ड: दुनिया की बेहतरीन 'बीन्स डिश' में मिली जगह
भारतीय खान-पान का जादू एक बार फिर पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। अक्सर लोग विदेशी व्यंजनों जैसे पिज्जा, पास्ता या बर्गर के दीवाने होते हैं, लेकिन जब बात सुकून और स्वाद की आती है, तो भारत के 'राजमा-चावल' का कोई मुकाबला नहीं है। हाल ही में एक ग्लोबल फूड गाइड की रैंकिंग ने इस बात पर मुहर लगा दी है।
दुनिया भर के व्यंजनों को रेटिंग देने वाले मशहूर प्लेटफॉर्म टेस्ट एटलस (TasteAtlas) ने 'दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बीन्स डिश' की सूची जारी की है, जिसमें भारत के राजमा को शीर्ष स्थान मिला है।
ग्लोबल रैंकिंग में राजमा का जलवा
टेस्ट एटलस की इस सूची में राजमा-चावल को न केवल शामिल किया गया, बल्कि इसे बहुत उच्च रेटिंग भी मिली है। राजमा ने मैक्सिकन चिली कॉन कार्ने और ग्रीक गिगेंटेस प्लाकी जैसे प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों को पीछे छोड़ते हुए अपनी जगह बनाई है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजमा को इसकी गाढ़ी ग्रेवी, मसालों के संतुलित मिश्रण और चावल के साथ इसके अद्भुत तालमेल के लिए दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है।
क्यों खास है राजमा-चावल?
राजमा-चावल सिर्फ एक खाना नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए एक "इमोशन" है। इसकी लोकप्रियता के पीछे कुछ खास कारण हैं:
-
पौष्टिकता का खजाना: राजमा प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर होता है, जो इसे स्वाद के साथ सेहत का भी कॉम्बो बनाता है।
-
स्वाद का संतुलन: प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और खड़े मसालों के साथ धीमी आंच पर पका राजमा एक ऐसा जायका देता है जो हर उम्र के व्यक्ति को पसंद आता है।
-
सदाबहार जोड़ी: इसे घी वाले चावल, ठंडी छाछ और प्याज के लच्छों के साथ परोसा जाए, तो यह किसी शाही दावत से कम नहीं लगता।
उत्तर भारत से ग्लोबल किचन तक का सफर
मूल रूप से मेक्सिको और मध्य अमेरिका से आए राजमा (लाल लोबिया) को भारतीयों ने अपने मसालों और तड़के के साथ ऐसा अपनाया कि आज यह उत्तर भारत, खासकर पंजाब और दिल्ली की पहचान बन चुका है। अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है, जिससे भारतीय व्यंजनों की साख वैश्विक पटल पर और मजबूत हुई है।
"दुनिया में कहीं भी चले जाइए, लेकिन जो सुकून माँ के हाथ के बने राजमा-चावल में है, वो किसी फाइव स्टार होटल की डिश में नहीं।" यह उपलब्धि हर उस खाने के शौकीन के लिए गर्व की बात है जो देसी स्वाद को प्राथमिकता देता है।
Matrimonial

BRG News 


