INDIA AI SUMMIT: पीएम मोदी का बड़ा ऐलान ; 'MANAV' फ्रेमवर्क लॉन्च !
इंडिया AI समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने 'MANAV' (Making AI Noble, Authentic, and Victorious) विजन के जरिए दुनिया को बताया कि भारत तकनीक को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़कर आगे बढ़ेगा।
इंडिया AI समिट: पीएम मोदी ने पेश किया 'MANAV' विजन, कहा— AI भविष्य है, लेकिन जिम्मेदारी सर्वोपरि
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया AI समिट' के दौरान भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रोडमैप को दुनिया के सामने रखा। इस दौरान उन्होंने 'MANAV' विजन का अनावरण किया, जो यह सुनिश्चित करेगा कि तकनीक का विकास मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों के दायरे में हो।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जहाँ AI विकास की असीम संभावनाएं लेकर आया है, वहीं इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की वैश्विक आवश्यकता है।
क्या है MANAV विजन?
पीएम मोदी द्वारा पेश किया गया MANAV (Making AI Noble, Authentic, and Victorious) फ्रेमवर्क पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
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M (Making AI Noble): AI का उपयोग मानवता के कल्याण और सामाजिक सुधार के लिए हो।
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A (Authentic): डेटा और परिणामों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
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N (Non-discriminatory): तकनीक में किसी भी प्रकार का पूर्वाग्रह (bias) न हो।
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A (Accountable): गलतियों या दुरुपयोग के लिए जवाबदेही तय करना।
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V (Victorious): अंततः यह तकनीक मानव जाति की समस्याओं पर विजय प्राप्त करने का साधन बने।
भाषण की मुख्य बातें: 'AI सबके लिए'
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया:
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भविष्य की तकनीक: पीएम ने कहा, "AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा है। भारत इसे 'AI for All' (सबके लिए AI) के मंत्र के साथ आगे बढ़ा रहा है।"
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लोकतंत्रीकरण: उन्होंने जोर दिया कि तकनीक का लाभ केवल कुछ वर्गों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह गांवों और गरीबों तक पहुँचना चाहिए।
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नैतिक सुरक्षा (Ethical AI): डीपफेक और डेटा गोपनीयता जैसे खतरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने वैश्विक समुदाय से एक 'Global Framework' बनाने का आह्वान किया।
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युवा शक्ति: उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स और इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया को AI सॉल्यूशंस देने वाला 'ग्लोबल हब' बनेगा।
चुनौतियां और जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि बिना जिम्मेदारी के AI विनाशकारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें तकनीक को "Human-Centric" (मानव-केंद्रित) बनाना होगा। भारत इसके लिए "इंडिया AI मिशन" के तहत भारी निवेश कर रहा है, ताकि कंप्यूटिंग पावर और भाषाई डेटाबेस (जैसे भाषिणी प्रोजेक्ट) को मजबूत किया जा सके।
"AI में समाज को बदलने की ताकत है, लेकिन इसके विकास में 'मानवीय स्पर्श' और 'नैतिकता' का होना अनिवार्य है।" — पीएम मोदी
इंडिया AI समिट ने यह साफ कर दिया है कि भारत केवल AI का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि इसे दिशा देने वाला देश बनना चाहता है। MANAV विजन के जरिए भारत ने दुनिया को संदेश दिया है कि विकास और सुरक्षा साथ-साथ चल सकते हैं।
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