14 राफेल डील को इसी हफ्ते मिल सकती है मंजूरी !
In a major boost to India’s air superiority, the central government is expected to grant official approval (Acceptance of Necessity) for the 114 Multi-Role Fighter Aircraft (MRFA) project this week. The timing is strategically significant, coming just days before French President Emmanuel Macron’s high-profile visit to India on February 18.
IAF को मिलेंगे 114 नए राफेल! मैक्रों के भारत दौरे से पहले ₹3.25 लाख करोड़ की मेगा डील को मिल सकती है मंजूरी
भारतीय वायुसेना (IAF) की मारक क्षमता को दोगुना करने की दिशा में मोदी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह 114 राफेल लड़ाकू विमानों (MRFA प्रोजेक्ट) की खरीद के प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिल सकती है। यह घटनाक्रम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 18 फरवरी से शुरू होने वाली भारत यात्रा से ठीक पहले हो रहा है, जो दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
????️ रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इस सप्ताह रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में सबसे बड़ा एजेंडा 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) के लिए 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) प्रदान करना है।
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डील की अनुमानित लागत: लगभग ₹3.25 लाख करोड़।
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प्रक्रिया: रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) ने पिछले महीने ही इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी। अब DAC की मुहर के बाद औपचारिक तकनीकी और व्यावसायिक बातचीत शुरू होगी।
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट
इस सौदे की सबसे खास बात इसकी निर्माण प्रक्रिया है। पिछले 36 राफेल विमानों के विपरीत, इस बार भारत 'आत्मनिर्भरता' पर जोर दे रहा है:
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फ्लाई-अवे कंडीशन: केवल 18 विमान सीधे फ्रांस से बनकर आएंगे।
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भारत में निर्माण: बाकी 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
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स्वदेशी सामग्री: शुरुआत में 30% स्वदेशी सामग्री का उपयोग होगा, जिसे बढ़ाकर 60% से अधिक करने का लक्ष्य है।
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पार्टनरशिप: फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों (जैसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स) के साथ मिलकर इनका उत्पादन करेगी।
✈️ वायुसेना की ताकत में क्यों जरूरी है इजाफा?
भारतीय वायुसेना फिलहाल विमानों की कमी से जूझ रही है। स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन की तुलना में वर्तमान में केवल 30-31 स्क्वाड्रन ही सक्रिय हैं। चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ती क्षेत्रीय चुनौतियों को देखते हुए, राफेल जैसे 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का बेड़ा बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।
खास जानकारी: भारतीय नौसेना के लिए भी 26 राफेल-M (मैरीन वर्जन) की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यदि 114 विमानों की यह नई डील फाइनल होती है, तो भारत के पास कुल 176 राफेल विमानों का एक विशाल और शक्तिशाली बेड़ा होगा।
???? मैक्रों का दौरा और रणनीतिक संकेत
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 19-20 फरवरी को दिल्ली में होने वाले 'India-AI Impact Summit' में भाग लेने आ रहे हैं। इस यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन एनर्जी पर भी बड़े समझौतों की उम्मीद है। मैक्रों के आने से पहले राफेल डील को मंजूरी देना फ्रांस के प्रति भारत के गहरे भरोसे का एक मजबूत कूटनीतिक संदेश होगा।
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