F-35 का शिकार: कैसे गिरा दुनिया का सबसे ताकतवर विमान ?
ईरान ने उन्नत पैसिव रडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक का उपयोग कर अमेरिका के 'अजेय' माने जाने वाले F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है।
ईरान द्वारा दुनिया के सबसे आधुनिक और 'अदृश्य' माने जाने वाले अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराने का दावा वैश्विक रक्षा गलियारों में एक बड़े बदलाव का संकेत है। जिसे अब तक "अजेय" (Invincible) माना जाता था, उसका शिकार होना युद्ध के भविष्य और हथियारों की होड़ को नई दिशा दे सकता है।
1. कैसे हुआ F-35 का शिकार?
रक्षा विशेषज्ञों और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस "अदृश्य" विमान को ट्रैक करने के लिए पारंपरिक रडार के बजाय नई तकनीकों का सहारा लिया है। F-35 अपनी 'स्टील्थ' क्षमता के कारण रडार की पकड़ में नहीं आता, लेकिन ईरान ने रूस और चीन की मदद से विकसित पैसिव रडार सिस्टम का उपयोग किया। यह सिस्टम विमान से निकलने वाली तरंगों के बजाय वातावरण में मौजूद रेडियो तरंगों में होने वाली सूक्ष्म हलचल को ट्रैक करता है।
इसके अलावा, ईरान ने भारी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) का इस्तेमाल कर विमान के सेंसर्स और जीपीएस सिस्टम को कुछ पलों के लिए भ्रमित किया। जब विमान की सटीक लोकेशन का पता चला, तो ईरान के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे बावर-373 या S-400) से मिसाइलों की बौछार कर दी गई। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान को नुकसान पहुँचा है और उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, हालांकि पायलट सुरक्षित है।
2. यह दुनिया के लिए 'बड़ी बात' क्यों है?
F-35 सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों की सैन्य श्रेष्ठता का सबसे बड़ा प्रतीक है। इसका शिकार होना कई मायनों में गंभीर है:
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स्टील्थ तकनीक पर सवाल: अगर एक मध्यम शक्ति वाला देश F-35 को निशाना बना सकता है, तो इसका मतलब है कि अरबों डॉलर खर्च करके विकसित की गई 'अदृश्य' तकनीक अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
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हथियारों का बाजार: अमेरिका ने कई सहयोगी देशों (जैसे इजरायल, जापान और ब्रिटेन) को यह जेट बेचा है। इस घटना के बाद इन देशों में विमान की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
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मनोवैज्ञानिक बढ़त: यह घटना दिखाती है कि तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो, उसे 'काउंटर' करने का तरीका खोजा जा सकता है। इससे अमेरिका के विरोधियों का मनोबल बढ़ा है और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव की आहट है।

3. भविष्य के युद्ध की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि अब युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि 'इलेक्ट्रॉनिक और रडार वॉरफेयर' पर आधारित होंगे। F-35 का यह वाकया अन्य देशों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और अधिक उन्नत बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
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