कैंसर की छुट्टी; मात्र 30 मिनट में होगा टेस्ट !
वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी AI स्मार्ट डिवाइस विकसित की है जो महज 30 मिनट में कैंसर की सटीक पहचान कर सकती है। यह तकनीक शुरुआती स्टेज में कैंसर का पता लगाकर मृत्यु दर को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
कैंसर के खिलाफ AI की बड़ी जीत: अब मात्र 30 मिनट में होगी सटीक जांच, आ गई नई स्मार्ट डिवाइस
नई दिल्ली: चिकित्सा विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संगम ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है, जो आने वाले समय में लाखों जिंदगियां बचा सकता है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई AI स्मार्ट डिवाइस विकसित की है, जो शरीर में कैंसर की उपस्थिति का पता मात्र 30 मिनट में लगा सकती है। जहाँ पहले बायोप्सी और अन्य टेस्ट की रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, वहीं यह डिवाइस अब मिनटों में परिणाम देने में सक्षम है।
कैसे काम करती है यह AI डिवाइस?
यह डिवाइस 'बायोसेंसर' और 'मशीन लर्निंग' एल्गोरिदम पर आधारित है।
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ब्लड सैंपल से जांच: यह डिवाइस मरीज के खून की सिर्फ एक बूंद या टिश्यू सैंपल का विश्लेषण करती है।
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पैटर्न पहचान: AI उन सूक्ष्म प्रोटीनों और सेलुलर बदलावों को पहचान लेता है, जिन्हें शुरुआती स्टेज पर इंसानी आंखें या पारंपरिक मशीनें नहीं देख पातीं।
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सटीक परिणाम: परीक्षणों के दौरान इस डिवाइस ने कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानने में 95% से अधिक सटीकता दिखाई है।
इस डिवाइस की 3 सबसे बड़ी खासियतें:
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शुरुआती पहचान (Early Detection): यह डिवाइस कैंसर के 'स्टेज 0' या 'स्टेज 1' में होने पर भी संकेत दे सकती है, जिससे इलाज की सफलता दर कई गुना बढ़ जाती है।
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समय की बचत: 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट मिलने से डॉक्टर तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
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किफायती जांच: लैब में होने वाले महंगे और जटिल टेस्ट की तुलना में यह डिवाइस भविष्य में कैंसर स्क्रीनिंग को सस्ता और सुलभ बना सकती है।
भविष्य की राह
फिलहाल यह डिवाइस क्लिनिकल ट्रायल और रेगुलेटरी अप्रूवल के अंतिम चरणों में है। उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द इसे दुनिया भर के अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा। यह तकनीक न केवल कैंसर, बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों के त्वरित निदान (Diagnosis) का रास्ता भी साफ करेगी।
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