गाड़ी हो या कैश डिपॉजिट, PAN अब तय करेगा आपकी लिमिट!

The government is making significant changes to PAN card transaction limits. These changes will affect high-value purchases, cash deposits, and other financial transactions. The aim is to increase transparency and monitor large financial movements. Now, whether you’re buying a car, depositing large sums of cash, or making big payments, your PAN card will determine the allowed limits. Individuals and businesses will need to stay updated to avoid non-compliance and penalties.

गाड़ी हो या कैश डिपॉजिट, PAN अब तय करेगा आपकी लिमिट!

अगर आप जल्द ही नई गाड़ी खरीदने या बैंक में मोटी नकदी जमा करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारत सरकार आयकर नियम, 2026 (Draft Income-tax Rules, 2026) के जरिए पैन कार्ड (PAN Card) से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है।

इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य छोटे लेन-देन को आसान बनाना और बड़े ट्रांजैक्शंस पर सरकार की निगरानी को और सटीक बनाना है। आइए जानते हैं कि आपके बटुए और निवेश पर इसका क्या असर पड़ेगा।


1. बैंक में कैश डिपॉजिट और निकासी (Cash Transactions)

अभी तक का नियम यह है कि अगर आप बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक में एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश जमा करते हैं, तो PAN देना अनिवार्य होता है।

क्या बदलने जा रहा है?

  • अब 'डेली लिमिट' की जगह 'सालाना लिमिट' पर फोकस किया जाएगा।

  • प्रस्तावित नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में कुल मिलाकर ₹10 लाख या उससे अधिक का कैश डिपॉजिट या विड्रॉल (निकासी) करने पर ही PAN अनिवार्य होगा।

  • यह सीमा एक या एक से अधिक बैंक खातों को मिलाकर गिनी जाएगी। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो छोटे-छोटे कामों के लिए अक्सर 50 हजार से थोड़ा ज्यादा कैश जमा करते थे।

2. गाड़ी खरीदना हुआ और भी आसान (Vehicle Purchase)

वर्तमान में, किसी भी चार पहिया वाहन (Car) की खरीद पर PAN देना अनिवार्य है, चाहे उसकी कीमत कितनी भी कम क्यों न हो। वहीं, दो-पहिया (Bikes) पर अभी ऐसी कोई शर्त नहीं है।

क्या बदलने जा रहा है?

  • अब गाड़ियों के प्रकार के बजाय उनकी कीमत देखी जाएगी।

  • चाहे कार हो या बाइक, अगर उसकी कीमत ₹5 लाख से ज्यादा है, तभी आपको PAN देना होगा।

  • इसका मतलब है कि अब सस्ती कार खरीदने वालों को PAN की झंझट से मुक्ति मिलेगी, लेकिन महंगी सुपरबाइक्स खरीदने वालों को अब PAN की जानकारी देनी होगी।

3. प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री (Immovable Property)

रियल एस्टेट में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन की लिमिट को भी अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है।

बदलाव की झलक:

  • अभी तक ₹10 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी (खरीद, बिक्री या गिफ्ट) पर PAN जरूरी होता है।

  • नए ड्राफ्ट के मुताबिक, इस लिमिट को दोगुना कर ₹20 लाख किया जा रहा है।

4. होटल बिल और इवेंट्स (Hotel & Event Payments)

क्या आप किसी बड़े फंक्शन या वेकेशन की प्लानिंग कर रहे हैं? तो यह पॉइंट आपके काम का है।

  • पुरानी लिमिट: ₹50,000 से ज्यादा का होटल या रेस्टोरेंट बिल होने पर PAN देना पड़ता था।

  • नई प्रस्तावित लिमिट: अब इसे बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है। बैंक्वेट हॉल, कन्वेंशन सेंटर और इवेंट मैनेजमेंट को किए जाने वाले भुगतान पर भी यही नियम लागू होगा।


एक नज़र में मुख्य बदलाव (Table)

ट्रांजैक्शन का प्रकार मौजूदा PAN लिमिट प्रस्तावित नई लिमिट (2026)
कैश डिपॉजिट/निकासी ₹50,000 (प्रति दिन) ₹10 लाख (सालाना)
गाड़ी की खरीद सभी कारों पर अनिवार्य ₹5 लाख से अधिक की कीमत पर
प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन ₹10 लाख से अधिक ₹20 लाख से अधिक
होटल/इवेंट बिल ₹50,000 से अधिक ₹1 लाख से अधिक
इंश्योरेंस ₹50,000 से ऊपर प्रीमियम पर नया अकाउंट शुरू करने पर ही

ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की उम्मीद है (Stakeholders से सुझाव लेने के बाद)। सरकार का विजन साफ है—छोटे करदाताओं को कागजी कार्रवाई से राहत देना और बड़ी रकम के लेन-देन का डेटा 'AI-Enabled Analytics' के जरिए ट्रैक करना